Mono Zinc
इसमें जिंक 33% और सल्फर 15% उपलब्ध है। मोनो जिंक के उपयोग से पौधों में जिंक की कमी की पूर्ति होती है। क्लोरोफिल के निर्माण में सहायता मिलती है, जिससे कि पौधों में भोजन का निर्माण पूर्ण रूप से होता है, जिससे ज्यादा और अच्छी पैदावार मिलती है। यह धान में लगने वाले खैरा रोग से भी बचाता है।
प्रयोग मात्रा :- 5 से 6 कि0ग्रा0 प्रति एकड़ आवश्यकतानुसार प्रयोग करें।
पैकिंग : – 1 कि०ग्रा० पाउच और 5 कि० ग्रा० झोला में उपलब्ध है।





